हरदोई पुकार — सौरभ सिंह संवादाता
शाहाबाद, हरदोई— शाहाबाद क्षेत्र में लोनी चीनी मिल का संचालन शुरू होते ही इलाके की सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे हैं ओवरलोड गन्ना भरे ट्रक। मिल तक गन्ना पहुंचाने की होड़ में ट्रक चालक क्षमता से कहीं अधिक गन्ना भरकर दिन-रात तेज रफ्तार में दौड़ लगा रहे हैं। इन ट्रकों से रास्ते भर गन्ना सड़कों पर गिरता जा रहा है, जिससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए जान का बड़ा खतरा बन गया है।

मिल के आसपास से लेकर शाहाबाद कस्बे के मुख्य मार्गों तक इन ओवरलोड ट्रकों का आतंक साफ देखा जा सकता है। हालात यह हैं कि हर घंटे दर्जनों ट्रक गन्ने की फांदी लादे सड़क पर निकलते हैं, जिनसे गिरता गन्ना कई बार दोपहिया वाहनों के फिसलने और टकराने का कारण बनता है। राहगीरों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
लोगों का आरोप है कि लोनी चीनी मिल प्रशासन की लापरवाही और ट्रक मालिकों की मनमानी ने जनजीवन को खतरे में डाल दिया है। गन्ना ट्रक बिना किसी सुरक्षा इंतजाम या जाली के, ऊपर तक गन्ना लादकर निकलते हैं। न तो सेफ्टी बेल्ट, न लाइट, न सुरक्षा ढांचा—यह सभी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
एक ओर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग यातायात जागरूकता माह के तहत हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर चालान काटने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर इन ओवरलोड ट्रकों पर किसी प्रकार की कार्रवाई न होना लोगों के बीच सवाल खड़े कर रहा है। छोटे वाहनों पर नियमों की सख्ती दिखाने वाला प्रशासन इन जानलेवा ट्रकों के आगे मौन क्यों है?
स्थानीय लोगों ने बताया कि गन्ना ट्रक संचालकों की मनमानी पर न तो पुलिस रोक लगा रही है, न ही परिवहन विभाग सक्रिय दिखाई दे रहा है। हर साल यही दृश्य देखने को मिलता है—लोनी चीनी मिल के लिए गन्ना ढोने वाले ट्रक संचालक मोटा मुनाफा कमाने के लालच में ट्रकों में क्षमता से कहीं अधिक गन्ना भर देते हैं। इससे सड़कें अवरुद्ध हो जाती हैं और हादसों की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं।
कस्बे के लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि मिल संचालन के दौरान ट्रकों की लोडिंग पर निगरानी रखी जाए, निर्धारित वजन से अधिक लोडिंग करने वालों के खिलाफ चालान और वाहन जब्ती की कार्यवाही की जाए।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन ओवरलोड गन्ना ट्रकों और लोनी चीनी मिल प्रशासन की लापरवाही पर अंकुश लगाने के लिए क्या कदम उठाता है — या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा प्रशासन।