हरदोई पुकार | नई दिल्ली 10 नवंबर 2025 | शाम 8:30 बजे
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली आज शाम एक ज़ोरदार धमाके से दहल उठी। यह कोई मामूली धमाका नहीं था; यह एक ऐसी घटना थी जिसने एक पल में 8 ज़िंदगियाँ छीन लीं और देश की सुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
शाम लगभग 6:55 से 7:00 बजे के बीच, जब लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास का इलाका सबसे ज़्यादा व्यस्त होता है, गेट नंबर 1 के ठीक बाहर खड़ी एक कार में भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना ज़बरदस्त था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और इसने पूरे इलाके को आतंक और अराजकता में डुबो दिया।
हरदोई पुकार की टीम को मिली ताज़ा जानकारी के अनुसार, इस दिल दहला देने वाली घटना में अब तक 8 लोगों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, 14 से ज़्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें तुरंत नज़दीकी लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के सूत्रों ने बताया है कि घायलों में से 3 की हालत बेहद नाज़ुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
चश्मदीदों की ज़ुबानी: “लगा जैसे धरती फट गई हो…”
घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों ने जो मंज़र बयां किया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। हरदोई पुकार से बात करते हुए, पास में ही एक रेहड़ी लगाने वाले एक व्यक्ति ने कांपती आवाज़ में बताया, “मैं अपनी जिंदगी में इतना जोरदार धमाका कभी नहीं सुना। एक पल के लिए लगा जैसे धरती फट गई हो। मैं धमाके के ज़ोर से तीन बार ज़मीन पर गिरा।”
एक अन्य चश्मदीद, जो मेट्रो से बाहर निकल रहा था, ने कहा, “पहले तो हमें लगा कि कोई बहुत बड़ा ट्रांसफार्मर फटा है, लेकिन जब हमने बाहर आकर देखा, तो मंज़र भयानक था। एक कार आग का गोला बनी हुई थी और उसके आस-पास… चारों तरफ लाशें और शरीर के अंग बिखरे पड़े थे। लोग चीखते-चिल्लाते भाग रहे थे। यह किसी क़यामत से कम नहीं था।”
रिपोर्ट्स के अनुसार, धमाका एक सफ़ेद रंग की इको वैन में हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसने आस-पास खड़ी 6 कारों, 2 ई-रिक्शा और 1 ऑटो को भी अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते, 3 से 4 गाड़ियाँ धू-धू कर जलने लगीं, जिससे आसमान में धुएं का एक घना काला बादल छा गया।
आनन-फानन में बचाव कार्य, दिल्ली में ‘रेड अलर्ट’
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और फायर ब्रिगेड की 7 से ज़्यादा गाड़ियाँ तुरंत मौके पर पहुँचीं। दमकल कर्मियों ने तेज़ी से आग बुझाने का काम शुरू किया, जबकि पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया।
घायलों को अस्पताल पहुँचाने के लिए एम्बुलेंस का एक कॉरिडोर बनाया गया। LNJP अस्पताल में एक आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी गई है, जहाँ घायलों के परिजन बदहवास हालत में पहुँच रहे हैं।
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, दिल्ली में ‘रेड अलर्ट’ घोषित कर दिया गया है। दिल्ली के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स को सील कर दिया गया है और शहर भर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और मुंबई में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है।
हादसा या आतंकी साज़िश? NIA और NSG की एंट्री
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह महज़ एक CNG सिलेंडर ब्लास्ट था या एक सोची-समझी आतंकी साज़िश?
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, जिस तीव्रता का यह “हाई-इंटेंसिटी ब्लास्ट” था, वह किसी सामान्य CNG या कार ब्लास्ट से कहीं ज़्यादा है। धमाके ने कार के परखच्चे उड़ा दिए और आस-पास की इमारतों की खिड़कियों के शीशे तक टूट गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और बम निरोधक दस्ते के अलावा, राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की टीमों को भी घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ विस्फोट के पैटर्न और इस्तेमाल किए गए किसी भी संभावित विस्फोटक (जैसे IED) के सबूत जुटा रहे हैं।
पुलिस इस एंगल से भी जाँच कर रही है कि कार वहाँ कब से खड़ी थी और उसका मालिक कौन है।
क्यों संवेदनशील है यह इलाका?
यह धमाका सिर्फ एक भीड़-भाड़ वाले मेट्रो स्टेशन के पास नहीं हुआ है; यह देश के सबसे संवेदनशील प्रतीकों में से एक – लाल किला – से चंद क़दमों की दूरी पर हुआ है। लाल किला न केवल एक ऐतिहासिक इमारत है, बल्कि भारत की संप्रभुता का प्रतीक भी है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थान को जानबूझकर चुना जा सकता था। आपको याद दिला दें कि दिसंबर 2000 में भी लाल किले पर आतंकी हमला हो चुका है। ऐसे में, इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
हरदोई पुकार के बड़े सवाल:
- इस पूरी घटना ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
- देश की राजधानी के इतने हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में विस्फोटकों से भरी कार कैसे पहुँची?
- क्या यह एक बड़ी सुरक्षा चूक (Security Lapse) है?
- अगर यह एक आतंकी हमला है, तो इसके पीछे किस संगठन का हाथ है?
- क्या इस धमाके का निशाना लाल किला या कोई VIP मूवमेंट था?
गृह मंत्रालय ने इस पूरी घटना पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर से तत्काल रिपोर्ट माँगी है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।
यह एक विकसित हो रही ख़बर है। दिल्ली आज रात डर और अनिश्चितता के साये में है। हरदोई पुकार की टीम लगातार ज़मीनी स्तर पर मौजूद है और हर एक अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाती रहेगी। हम मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं।