अंचल पेट्रोल पंप के पास बुलेट सवार युवकों की गर्दन कटने से बची, सड़क पर दौड़ते बच्चे बन रहे खतरा
शाहाबाद, हरदोई पुकार —
शाहाबाद कस्बे में प्रतिबंधित चाइनीस मांझे का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला अंचल पेट्रोल पंप के सामने का है, जहां डिवाइडर और सड़क किनारे उड़ रही पतंग को लूटने के लिए बच्चे अचानक तेज रफ्तार वाहनों के सामने दौड़ पड़ते हैं। यही लापरवाही किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
घटना के दौरान बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक वहां से गुजर रहे थे, तभी अचानक उनकी गर्दन की ऊंचाई पर मांझा आ गया। किसी तरह उन्होंने संतुलन संभाला और एक बड़ा हादसा टल गया। लेकिन असली खतरा सिर्फ मांझा ही नहीं, बल्कि पतंग लूटने के लिए सड़क पर बेधड़क दौड़ते बच्चे भी हैं। ये बच्चे 2-3 रुपये की पतंग के पीछे जान जोखिम में डाल देते हैं और वाहनों के सामने अचानक आ जाते हैं। यदि किसी दिन टक्कर हो गई तो जिम्मेदारी वाहन चालक पर आएगी, जबकि गलती बच्चों की लापरवाही और निगरानी के अभाव की होगी।
इससे पहले भी एलआईसी कार्यालय के पास ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां युवक की गर्दन गंभीर रूप से कट गई थी। शाहाबाद समेत अन्य क्षेत्रों में भी कई प्रकरण हो चुके हैं। चाइनीस मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से इसका कारोबार जारी है। कुछ दिन की औपचारिक कार्रवाई के बाद सब कुछ फिर पुराने ढर्रे पर लौट आता है।
वर्तमान में एडिशनल एसपी के रूप में आईपीएस अधिकारी आलोक राज नारायण क्षेत्राधिकारी शाहाबाद का चार्ज संभाले हुए हैं और वे लगातार कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए प्रयासरत भी हैं। लेकिन सवाल स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर खड़ा हो रहा है। क्षेत्र स्तर पर सख्त निगरानी, नियमित चेकिंग और अवैध बिक्री पर निर्णायक कार्रवाई के अभाव में यह समस्या जड़ पकड़ती जा रही है। यदि उच्च अधिकारी सक्रिय हैं तो स्थानीय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन क्यों नहीं दिख रहा?
जनता का सीधा सवाल है कि आखिर कब तक अवैध मांझे की बिक्री और सड़क पर दौड़ते बच्चों की अनदेखी होती रहेगी? यदि स्थानीय पुलिस ने समय रहते गंभीरता नहीं दिखाई तो किसी दिन बड़ा हादसा तय है, और उसकी जिम्मेदारी तय करना भी मुश्किल हो जाएगा। अब जरूरत है कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीनी सख्ती की।