
हरदोई — जनपद में टीबी उन्मूलन की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली, जहां सर्वोदय आश्रम हरदोई द्वारा 30 टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण पोटली का वितरण किया गया। इस मानवीय पहल का उद्देश्य न केवल मरीजों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराना है, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी मजबूत बनाना है ताकि वे इस बीमारी से जल्द उबर सकें।
कार्यक्रम के दौरान आश्रम की डायरेक्टर श्रीमती कुसुम जौहरी ने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने के लिए दवा के साथ-साथ पौष्टिक आहार बेहद आवश्यक है। यदि मरीजों को समय पर सही खान-पान मिल जाए तो उनकी रिकवरी तेजी से होती है। इस अवसर पर आश्रम की टीम से वंदना, धर्मेंद्र, पिंकी और रीना भी मौजूद रहीं, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. नोमान, डॉ. प्रवीण दीक्षित, डॉ. सबा खान, डॉ. एमान सहित अन्य स्टाफ की उपस्थिति रही। अधिकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा टीबी मरीजों को “निक्षय पोषण योजना” के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके खातों में दी जाती है, जिससे वे अपने खान-पान में सुधार कर सकें।
इसके साथ ही समाजसेवियों और चिकित्सकों की भागीदारी भी इस अभियान को मजबूती दे रही है। शाहाबाद क्षेत्र से डॉ. देश दीपक मिश्रा, डॉ. शाहिद, डॉ. शारिक, डॉ. मयाप्रकाश, डॉ. एम.एल. गुप्ता सहित अन्य चिकित्सकों ने भी कई टीबी मरीजों को गोद लिया है, जिन्हें नियमित रूप से पोषण पोटली उपलब्ध कराई जा रही है।
यह पहल समाज में एक सकारात्मक संदेश देती है कि यदि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और समाजसेवी मिलकर काम करें, तो टीबी जैसी बीमारी को जड़ से समाप्त करना संभव है। मरीजों के चेहरे पर दिखी मुस्कान इस बात का प्रमाण थी कि सही समय पर मिला सहयोग उनके जीवन में नई उम्मीद जगा रहा है।